शीर्षक:होली है, त्योहार
रचना तिथि: 13 मार्च 2017
होली है, त्योहार
रंगो के सारोबार का,
छोटों के प्यार का,
बड़ो के सम्मान का,
पिचकारी की शान का,
उड़ते गुलाल अबीरो का,
और स्वादिष्ट खीरो का,
दहीबड़ा और पुआ का,
गरीब की दुआ का,
अपनो संग उल्लास का,
हर किसी के खास का,
तो मनाए,
यह त्योहार बिना किसी हुड़दंग,
ताकि काला न हो कोई रंग,
आपको भी हैप्पी होली,
बनाकर निकले अपनी टोली,
ऐसी हो हमारी ख्वाहिश,
कर दें, रंगो की बारिश !
©ANKUR DUTTA JHA
रचना तिथि: 13 मार्च 2017
होली है, त्योहार
रंगो के सारोबार का,
छोटों के प्यार का,
बड़ो के सम्मान का,
पिचकारी की शान का,
उड़ते गुलाल अबीरो का,
और स्वादिष्ट खीरो का,
दहीबड़ा और पुआ का,
गरीब की दुआ का,
अपनो संग उल्लास का,
हर किसी के खास का,
तो मनाए,
यह त्योहार बिना किसी हुड़दंग,
ताकि काला न हो कोई रंग,
आपको भी हैप्पी होली,
बनाकर निकले अपनी टोली,
ऐसी हो हमारी ख्वाहिश,
कर दें, रंगो की बारिश !
©ANKUR DUTTA JHA

Nice poem
ReplyDeleteबहुत अच्छा है।
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